Talk:Nishad
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History of Nishad (निषादों का इतिहास)
[edit]निषादों का पूरे भारतवर्ष में योगदान.... @ निषाद वंश को 578 जातियों में बाटा गया, जिसमें मुख्य रूप से गोंड, कश्यप, मीणा, कोली, भील, राजभर, केवट, मल्लाह, बिन्द, लोधी राजपूत, सोनकर, सोनी, पांड्या, द्रविण, भोई, खरवार, मझवार इत्यादि हैं। 1. (समाधान व लोचन निषाद - सतीचौरा घाट) भारत को अंग्रेजों से आजाद कराने के लिए 1857 में कानपुर के सतीचौरा घाट पर हजारो अंग्रेजसैनिकों को गंगा नदी में डुबा के मारा था। जिसके बाद समाधान व लोचन निषाद समेत 167 क्रांतिकारी निषादों को कच्ची फांसी दे दीं गई थी । जिसको N.I.S.H.A.D पार्टी 27 जून को शहादत दिवस के रूप मानती हैं ।
2. पूरे विश्व मे 4 वेदों की रचना ऋग्वेद, अथर्ववेद, सामवेद, यजुर्वेद की रचना महर्षि बेदब्यास निषाद ने की थीं।
3.कश्यप वंश के महाराजा निषाद राजा बलि, राजा विलोचन, राजा महिषासुर, राजा प्रहलाद ब अन्य सभी राजाओं के किले आज भी मौजूद हैं। जिनकी 16 पीढ़ियों ने भारत देश की संस्कृति को विकसित किया।
4. दुनिया के सबसे बड़े वीर धनुर्धर द्वारिकाधीस निषाद वीर एकलव्य थे ।
5. उत्तर प्रदेश सरकार का राजकीय चिन्ह (मौहर) तीर-धनुष और मछली ये लखनऊ के राजा महाराजा लखनचन्द निषाद के पुत्र महाराजा नल निषाद का राजकीय चिन्ह है।
6. दुनिया की तीनों सभ्यताओ में सिंधु घाटी की सभ्यता सबसे प्राचीन सभ्यता है, जो निषादो की सभ्यता थी ।
7. पूरे विश्व के 84 देश के लोग जिस धर्म को मानते हैं, बौद्ध धर्म, उसके निर्माता महात्मा बुद्ध निषाद थे उनके माँ का ननिहाल गोरखपुर कोलिया गांव में है।
8. युद्ध में दशरथ के नपुंसक होने के बाद सवा महीने के पुत्रेष्ठ यज्ञ में श्रृंगी ऋषि निषाद ने राम, भरत, शत्रुध्न और लक्ष्मण को पैदा किया। इन सभी को निषाद पुत्र कहा जाता है। जिनका आश्रम आज भी बस्ती में मनोरमा नदी के किनारे है।
9. मोहनजोदड़ो हड़प्पा की खोज करने वाले निषाद दयाराम साहनी थे।
10. राम को उनके माता पिता ने 14 वर्ष का वनवास दिया उसके बाद वो मदद के लिए अपने घनिष्ठ मित्र महाराजा गुह्यराज निषाद के पास गए थे। महाराज गुह्यराज निषाद जी ने ही मर्यादा पुरूषोंतम राम की उपाधि देकर राम को भगवान बनाया था।
11. पूरी दुनिया की खोज व ब्यापार सिखाने वाले वास्कोडिगामा व कोलम्बस दोनों ही मल्लाह(निषाद) थे।
12. ब्राह्मणों के गुरु नारद ऋषि और उनके गुरु कालू बाबा धीवर निषाद थे।
13. विश्व की चौथी क्रांतिकारी और भारत की पहली क्रांतिकारी सबसे ताकतवर व साहसी महिला कश्यप फूलन देवी निषाद थी, जिन्होंने बेहमई नामक गाँव मे 22 ठाकुरों को पेड़ में बांध कर गोलियों से भून कर अपने बलात्कार का बदला लिया था।
14. महाराजा सँगमराज निषाद व प्रयागराज निषाद इलाहबाद के प्रतापी राजा थे।
15.महारानी बिलासा देवी (ताई) निषाद के नाम पर विलासपुर का नाम पड़ा।
16. महाभारत में महारानी सत्यवती जैसी पतिव्रता रानी आज तक दुनिया मे नहीं है जिनकी कहानियां आज भी पढ़ाई जाती हैं।
17. झांसी की रानी लक्ष्मी बाई भी निषाद थीं ।
18. मध्यप्रदेश के मंडला की महारानी दुर्गावती निषाद थी।
19. महारानी अवन्तीवाई लोधी भी निषाद थीं।
20.=अ से ज्ञ स्वर्ण व व्यंजन व के निर्माता महाराजा अंजन निषाद थे, जिनके नाम पर स्वर चलता है, इनके पिता का नाम ऋषि राजा राम कोल था।
21. झूम प्रणाली से खेती करना, कुदाल, हँसिया, हथियार चलाना, माँस को पकाकर खाना, दुनिया को निषादों ने सिखाया।
22. सभी जीव जंतुओं व पेड़ पौधों का नामकरण निषादों ने किया। और जल, जंगल और भूमि के राजा निषाद हैं।
23. दुनिया का सबसे बड़ा किला, महाराजा गुह्यराज निषादराज का किला, आज भी श्रंगरंवेरपुरधाम इलाहाबाद में अपने गौरवशाली इतिहास की गाथा गा रहा है। कोई भी ऐसा पुराणिक ग्रंथ नहीं है, जिसमे श्रंगरंवेरपुरधाम का वर्णन न किया गया हो।
24. उतर प्रदेश के हरदोई के राजा भोज नारायण निषाद का उदाहरण भी आज अच्छे-अच्छे लोग देते हैं।
25. महाराजा हिरणाकश्यप के द्वारा बनवाये गए अपने बेटे प्रहलाद का किला आज भी उत्तर प्रदेश के झाँसी के एरच में बेतवा नदी के किनारे अपनी गौरव गाथा गा रहा है।
26. रामायण को लिखने वाले महर्षि बाल्मीकिराज निषाद थे।
27. जगत माता निषाद रासमणि का कोली मन्दिर आज भी कलकत्ता में काली माता के नाम से मशहूर है।
28. भारत के प्रथम शहीद तिलका माँझी देश की आजादी में खुशी से फाँसी पर झूल गए 1751 में और 1857 के विद्रोह में शहीद हुए भारत के रॉबिनहुड कहे जाने वाले "टट्या मामा भील" जिनको आज पातालपानी स्टेशन के पास बनी उनकी समाधि को भारतीय रेल 2 मिनट रूककर सलामी देती है।
29. बिहार के दशरथ मांझी को पूरी दुनिया "द माउंटेन मैन" के नाम से जानती है, जिन्होंने पहाड़ तोड़ कर रास्ता बनाया था। जिन्होंने देश में एक मोहब्बत की नई मिशाल पैदा की।
30. पूरी दुनिया में नाथ सम्प्रदाय का प्रचार करने वाले महायोगी बाबा मछेन्द्रनाथ निषाद थे। जो पश्चिम बंगाल के धीवर परिवार से थे। अलाख निरंजन का जयकारा भी उन्ही की देन है।
31. भारत देश की पहली राजधानी कोल वंश यानी निषाद वंश के नाम से कोलकाता थी। 32. उत्तर प्रदेश में एक जिला जिसे महाभारत काल से राजा कोल (निषाद) के नाम से जाना गया और सन 1804 में उसका नाम बदलकर अलीगढ़ कर दिया है। अब कोल तहसील और कोल विधानसभा का नाम बनकर रह गई है निषाद राजा कोल की ये भूमि।
33. जुब्बा साहनी ने अंग्रेजो के छक्के छुड़ा दिये थे। देशखोरों की वजह से उन्हें फांसी पर लटकना पड़ा ।
34. जलियांवाला वाग के महानायक निषाद उधम सिंह ने अपने पुरखों को मारने का बदला लन्दन की पार्लियामेंट में जनरल डायर को गोलिया से भुनकर लिया ।
35. कलकत्ता, बैरकपुर छावनी के गंगादीन निषाद ने अपने अंग्रेज जनरल को गोलियों से भुना था पर नाम मंगल पांडे का हुआ।
36. हनुमान, बाली, सुग्रीव, कोल, भील, नल, नील, सब के सब प्रतापी, आदिवासी निषाद महाराजा थे आज भी इनके किले मौजूद हैं मध्यप्रदेश में।
37. महारानी विंदयवासिनी देवी आजीवन कुँवारी कन्या थीं।आज भी उनकी पूजा होती है विंध्याचल देवी के नाम से।
38. महाराजा नल निषाद का किला व पोखरा आज भी हरदोई में मौजूद हैं। लखनऊ का नाम महाराजा नल निषाद के नाम पर ही पड़ा ।
39. अपनी तपस्या के बदौलत सैकड़ो साल जीने वाले देवरहा बाबा निषाद थे जिनके नाम पर देवरिया जिले का नाम है। जिनके पास मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति तक सर झुकाने जाते थे।
40. गोरखपुर का पुराना नाम रामग्राम जिसके महाराजा सिहानु निषाद थे, उनका किला आज भी रामगढ़ ताल के रूप में मौजूद है।
41. महाराजा तीरथराज निषाद, महाराज गुह्यराज निषाद जी के पिता थे ।
42. जिनके दोहे पर पूरे विश्व की राजनीति चलती है वो कबीरदास निषाद थे।
43.=महाराजा अयोध्याराज निषाद के नाम पर अयोध्या नगरी बसी थी।
44. 5 जनवरी 2011 को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने कहा, एकलव्य का अंगूठा दोर्णाचार्य के द्वारा घोर अन्याय था। एकलव्य के वंश के लोग इस देश के असली मालिक हैं। 45- इस दुनिया की सबसे पहली जेल सेल्युयर जेल जो आज अंडमान निकोबार द्वीप समूह पर है वह निषादो के लिए बनी थी जिसे काला पानी की सजा कहते है ।
46. निषाद वंश को 578 जातियों में बाटा गया, जिसमें मुख्य रूप से गोंड, कश्यप, मीणा, कोली, भील, राजभर, केवट, मल्लाह, बिन्द, लोधी राजपूत, सोनकर, सोनी, पांड्या, द्रविण, भोई, खरवार, मझवार इत्यादि हैं।
47. महाराजा पृथुराज निषाद के नाम पर ही इस धरती का नाम पृथ्वी पड़ा। महाराजा वीरसेन निषाद चक्रवर्ती राजा के इतिहास से पूरा भारत गौरवान्वित है।
48. महाराजा चन्द्रगुप्त भी निषाद वंश से थे।
49. बिम्बसार व अशोक सम्राट, हर्ष, ब्रहद्रथ राजा, भी निषाद वंश के थे।
50. Jai nishad Raj Rahul6828 (talk) 09:08, 17 April 2021 (UTC)
Nishad
[edit]निषादों का पूरे भारतवर्ष में योगदान निषाद वंश को जातियों में बाटा गया, जिसमें मुख्य रूप से कश्यप,निषाद,मल्लाह,साहनी,केवट,कोली,कोल,मांझी,भोई,खरवार,मझवार इत्यादि हैं। 114.31.130.160 (talk) 07:01, 20 October 2023 (UTC)